दुनिया के सबसे बड़े बिल्डिंग का रहस्य : बुर्ज खलीफा

 दुनिया के सबसे बड़े बिल्डिंग का रहस्य : बुर्ज खलीफा

                 


दोस्तों क्या आपको पता है कि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा पर 12000 वर्कर एक साथ काम करते थे इस बिल्डिंग में 24000 ग्लास पैनल लगाए हैं लेकिन क्या आपको पता है इसका वजन 35 A380 एयरक्राफ्ट जेंट्स के बराबर है और यह बिल्डिंग इतनी ऊंची है कि 100 किलोमीटर दूर से भी बिल्डिंग की चोटी को देखा जा सकता है! 

और क्या आपको पता है इस बिल्डिंग में जो ऐड्स लगाई जाती है वह काफी महंगी होती है वहां सिर्फ 3 मिनट की ऐड्स लगाने के लिए 5000000 रुपए का खर्च आता है

यह थी बुर्ज खलीफा की कुछ इंटरेस्टिंग बातें लेकिन अभी आप और भी चौंक जाएंगे जब आप जानेंगे कि बुर्ज खलीफा को इंजीनियरस ने बनाया कैसे ? कैसे एक 350 क्विंटल मोटे पंप को ऊपर चोटी तक पहुंचाया गया ? कैसे बुर्ज खलीफा के ऊपर के 100 डिग्री टेंपरेचर को कम किया गया ? तो चलिए आ गया हम यह जानते हैं 2716 फीट ऊंची बादलों को फाड़कर निकलने वाली इस इमारत को कैसे बनायााा गया था!

इस इमारत को बनाने में डेढ़ बिलियन डॉलर का खर्च आया था यानी कि करीब 11000 करोड रुपए और दोस्तों क्या आपको पता है कि इस बिल्डिंग को बनाने के लिए सिर्फ 6 साल का समय दिया गया था और इतना कम समय में डिजाइनिंग से लेकर कंस्ट्रक्शन तक का काम मुमकिन नहीं था 
और इसीलिए बिल्डिंग को बिना डिजाइन के ही शुरू कर दिया गया और जैसे-जैसे इसकी कंस्ट्रक्शन होती गई वैसे ही इसकी डिजाइन साथ-साथ तैयार होता गया यह बात शायद आपको ना पता हो कि बुर्ज खलीफा को रेत पर खड़ा करना बहुत मुश्किल था 
और इसीलिए इसको बनाने के लिए पहले 192 मोटे स्टील पैंप को जमीन में धासाया गया और फिर जाकर बुर्ज खलीफा के कंस्ट्रक्शन को शुरू किया गया! 
शायद आपको ना पता हो की बुर्ज खलीफा का वजन इन्हीं स्टील पर टिका हुआ है !

क्या आपको पता है कि यह बिल्डिंग इतनी ऊंची है कि जब सीमेंट को नीचे से बनाकर ऊपर भेजते थे तब सीमेंट ऊपर जाते जाते ही सूख जाता था और इसीलिए उन्होंने बुर्ज खलीफा में मोटे-मोटे पंप इंस्टॉल कर दिए इन पाइप का काम नीचे सीमेंट को ऊपर पहुंचाना था लेकिन यह काम इतना भी आसान नहीं था क्योंकि बुर्ज खलीफा में लगने वाले सीमेंट का वचन देखें अगर देखें तो 100000 हाथियों जितना था और इतना भारी सीमेंट को ऊपर पहुंचाने के लिए उन्होंने दुनिया के तीन सबसे पावरफुल पंप इंस्टॉल करवाएं उन तीनों की कीमत भी करोड़ों में थी 
इसके अलावा जब बुर्ज खलीफा का कंस्ट्रक्शन कंप्लीट हो गया तब इस बार पारी आई ग्लास पैनल लगाने की और बुर्ज खलीफा पर 24000 ग्लास पैनल लगने थे ! जब ग्लास पैनल लगाए गए तब बुर्ज खलीफा के अंदर का टेंपरेचर 100 डिग्री के करीब पहुंच गया जहां पर कोई भी इंसान 10 सेकंड से ऊपर नहीं खड़ा रह सकता और इसको ठंडा करने में 10 गुना ज्यादा बिजली की खपत आती और इसीलिए इस प्रॉब्लम का सलूशन के लिए मशहूर इंजीनियर जॉन जीराफा ने कहा कि उनके पास इस मसले का सलूशन मौजूद है !
उन्होंने एक खास तरह का ग्लास पैनल बनाया जो सूरज से निकलने वाली यूवी रेज को बाहर ही रिफ्लेक्ट कर देता था लेकिन यह ग्लास पैनल बहुत महंगे थे और ऐसे 24000 ग्लास पैनल को खरीदने मैं 3 अरब और 60 करोड़ की रकम खर्च होनी थी जो कि बहुत महंगा काम था 
इसीलिए एक पूरी फैक्ट्री बनाई गई जिसमें सिर्फ यही क्लास पैनल बनाए गए और 4 महीने में ही यह सारे ग्लास पैनल बनकर तैयार हो गया अब सारी कंस्ट्रक्शन तो कंप्लीट हो गई 
लेकिन क्या आपने सोचा है आखिर जो ऊपर का स्टील पंप लगाया गया है उसे ऊपर कैसे रखा गया वैसे आपको बता दूं वह पंप नीचे से दिखने में छोटा है लेकिन उसकी लंबाई 136 मीटर है और वजन 350 टन का है दुनिया में ऐसी कोई भी मशीन नहीं थी कि वह इतनी भारी पंप को बादलों से भी ऊपर जाकर बुर्ज खलीफा के शिखर पर रख सके 
फिर इंजिनियर्स ने यह सलाह दी कि इस पैंप को छोटे-छोटे टुकड़ों में ऊपर लेकर जाएंगे और इस तरह पैंप के टुकड़ों को ऊपर ले जाकर असेंबल किया गया अब पूरा बुर्ज खलीफा बनकर कंप्लीट तो हो गया था 
लेकिन सालों की कंस्ट्रक्शन की वजह से यह पूरा मिट्टी से भर गया था सबसे बड़ा काम था इसको बाहर से पॉलिश करने का लेकिन किसी को ऐसा कोई भी सॉल्यूशन नहीं समझ आया और इसीलिए उन्होंने वर्कर्स को राशियों से लटकाकर बुर्ज खलीफा के टोटल 24000 विंडो पैनल को साफ कराया गया दरअसल विंडो क्लीनिंग का काम अभी तक वर्कर की मदद से ही किया जाता है ! 

तो यह था दुनिया का सबसे बड़े बिल्डिंग बुर्ज खलीफा का रहस्य क्या आप भी पूछ खलीफा में जाना चाहते हैं कमेंट करके हमें जरूर बताएं ! 


ऐसा श्रापित होटल जहां आज तक एक भी आदमी नहीं जा पाया- Ryugyong होटल





दोस्तों शहर के बीचोबीच आप इस पिरामिड की स्ट्रक्चर को देखिए यह कोई ऐसे ही शहर के बीच खड़ा 3D मॉडल नहीं बल्कि एक होटल है जो कि आसपास की बिल्डिंग के मुकाबले करीब 2 या 3 गुना ज्यादा ऊंचा है और इस होटल की ऊंचाई 1083 फीट यानी कि 330 मीटर है और यह फ्रांस के आई फील टावर से भी ज्यादा लंबा है दोस्तों यह होटल दुनियाभर के तमाम ऊंचे होटल को भी टक्कर देता और इस होटल में नाइटक्लब्स और कसीनो भी बनाए जाने वाले थे लेकिन आज तक इस होटल में एक भी गेस्ट नहीं आया और यह पिछले 30 सालों से ही खाली पड़ा है लोग आज से एक श्रापित होटल के नाम से जानते हैं लेकिन क्यों , और क्यों इसके अंदर आज तक एक भी इंसान ने कदम नहीं रखा और कैसे आज भी यह आलीशान बिल्डिंग वीरान पड़ी हुई है.

यह आलीशान होटल अमेरिका या चाइना में नहीं बल्कि नॉर्थ कोरिया में बनाया गया है यह इतना बड़ा होता है कि इसमें 3000 कमरे हैं अब नॉर्थ कोरिया जैसे देश में तो टूरिस्ट वैसे ही बहुत कम जाते हैं जैसे कि वह सिर्फ 1 साल में 300000 लोग जाते हैं
जबकि बाकी के देशों में 1 साल में टूरिस्ट मिलियंस के आंकड़े में जाते हैं दोस्तों नॉर्थ कोरिया तो एक ऐसा देश है जहां अगर आप ने अमेरिका की मूवी देखी तो आप को फांसी की सजा भी हो सकती है और अगर आपने इंडिया की मूवी देखी तो आपको उम्र कैद की सजा भी हो सकती है 
सिर्फ इतना ही नहीं जहां हम आज नेटफ्लिक्स के मजे ले रहे हैं वहीं नॉर्थ कोरिया में सिर्फ तीन ही चैनल चलते हैं दोस्तों हम जानते हैं कि जब यहां टूरिस्ट आते ही नहीं तो यह 3000 कमरों वाला होटल बनाया किसलिए है दरअसल नॉर्थ कोरिया के साउथ कोरिया से रिलेशन अच्छा नहीं है 
1986 में साउथ कोरिया ने अपनी डेवलपमेंट शुरू कर दी और नॉर्थ कोरिया को दिखाने के लिए उन्होंने दुनिया का सबसे ऊंचा होटल बना डाला और उन्होंने 1988 का ओलंपिक भी होस्ट किया
अब नॉर्थ कोरिया ने भी 1989 साउथ कोरिया को दिखाने के लिए वर्ल्ड फेस्टिवल ऑफ यूथ को सेलिब्रेट किया और उस फेस्टिवल में बाहर के देशों से खिलाड़ी आने वाले थे और उन खिलाड़ियों के खिदमत के लिए उन्होंने इस होटल का कंस्ट्रक्शन शुरू किया
दोस्तों ना जाने इस जगह पर क्या था 1986 से लेकर आज तक ऐसा कंस्ट्रक्शन खत्म ही नहीं हुआ 1992 तक इस होटल पर 7:30 सौ मिलियन का खर्चा हो चुका था और यह पैसा उस समय नॉर्थ कोरिया के दो पर्सेंट जीडीपी के बराबर था दोस्तों पहले तो 1989 मैं इंजीनियरिंग इयरर आ गया इसलिए इस बिल्डिंग में काम रोकना पड़ा और फिर इस होटल का काम 2 साल बाद शुरू हुआ अब इसके बाद कुछ हफ्ते काम चला और नॉर्थ कोरिया की इकोनामिक क्रेश हो गई और नॉर्थ कोरिया में पैसों की कमी आ गई और फिर से इस होटल का काम रुक गया अब 16 साल ऐसे ही बीत गए और उस पर एक भी विंडो अभी तक नहीं लगी थी और ना ही नॉर्थ कोरिया की सरकार इस बिल्डिंग को गिरा सकती थी क्योंकि ऐसे लोगों को पता चल जाता कि सरकार के पास सब काम पूरा करने के लिए भी पैसे नहीं है 





अब इसके बाद सन् 2008 में किम जोंग इल ने दोबारा से इसका काम शुरू करवाया आप जिस कंपनी ने इस पर पैसा लगाया उसे जब इस होटल के श्रापित होने की बात पता चली तो उस कंपनी ने इस बात को हंसकर टाल दिया और उन्होंने 400 मिलियन डॉलर जिस पर इन्वेस्ट कर दिए अब काम तो इस पर जोरों से चल रहा था और ऐसा लग रहा था कि इस बिल्डिंग पर लगा सरआप भी खत्म हो गया लेकिन सन 2011 में सभी विंडोज और ग्लास पैलेस तो लग गए थे लेकिन अंदर अभी भी यह होटल खंडहर की तरह ही था उसके बाद सन 2012 मैं जर्मन का लग्जरी होटल ग्रुप केंपिंस्की ने कहा कि हम इसके इंटीरियर के काम को खत्म करेंगे 

लेकिन कुछ समय बाद केंपिंस्की को लगने लगा कि कहीं यह होटल गिर ना जाए क्योंकि 2014 में नॉर्थ कोरिया में ही 24 मंजिल की बिल्डिंग गिर गई जिसमें काफी लोग मारे गए और इसीलिए केंपिंस्की नहीं यह दिल तोड़ दी अब इसके बाद फॉरेन के इन्वेस्टर्स इस बिल्डिंग पर पैसा लगाने से जा रहे थे और अब इसके बाद इस बिल्डिंग को 3 सालों से किसी ने भी नहीं छुआ हम सन 2019 में तो इसके दोस् पर ताला भी लग गया और नॉर्थ कोरिया अपने पड़ोसी देश से दुनिया के सबसे ऊंचे होटल का खिताब नहीं ले पाया और आज यह वर्ल्डस की लार्जेस्ट अनोक्यूपाइड बिल्डिंग के नाम से जानी जाती है इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी किया गया है दोस्तों अगर यह होटल ओपन हो गया तो हो सकता है कि नॉर्थ कोरिया में भी काफी सारे टूरिस्ट आने शुरू हो जाए 

वैसे आपको बता दूंगी नॉर्थ कोरिया है दुनिया का ऐसा पहला देश है जहां 3 जनरेशन तक की सजा दी जाती है यानी कि अगर आप कोई गलती करते हो तो उसकी सजा आपकी आने वाली तीन पीढ़ियों को भी भुगतनी पड़ेगी दोस्तों आप अपने सवाल हमें कमेंट में पूछ सकते हैं और इस पोस्ट को लाइक करना ना भूले

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